Sunday, April 17, 2011

Re: [astrostudents] Re: Rahu in hindi

 


Respected brothers,
                   Its not necessary that every thing is directly righten by Pandit Roop Chand Sharma Ji, Every men has his own mind to understand and himself Pandit Ji wrote many times that repeated study of red book gives many new clues to the students.
So my dear brothers please tell me if you feels some mistake from my point of view.   

मात्र शरीर के अन्गों को देख कर ही किसी भी ब्यक्ति के भुत - भबिष्य और बर्तमान की जानकारी लाल किताब को जाननें पड्नें वाले बडी आसानी से समझ सकतें है लाल किताब में पन्डित जी ने भी बहूत जगह इस का जिक्कर किय़ा है, अगर आप देखे कि खाना नम्बर १ मे सुर्य और मंगल मालिक है और खाना नम्बर १ जातक का शरीर और सिर है, और कोई भी ग्रह लगन में बैटा हो, अब जैसा कुन्ड्ली में सुर्य और मंगल तथा बैटा हुआ ग्रह जो भी हो बैसा ही असर जातक के शरीर और सिर पर होगा. जैसा सुर्य और मंगल मालिक है खाना नम्बर १ में और उन का असर पक्का होगा ।  तीसरा ग्रह जो भी होगा उस का असर उपाय य़ोग होगा , जैसे खाना न. १ में गुरु बैटा हो तो जातक का कद लम्बा होगा और जां जातक का मूख लम्बाई में होगा . अगर खाना न. १ में चन्द्र बैटा हो तो जातक का रंग सफ़ेद होगा मंन शांन्ति होगा, दिमागी पूरा होगा, मगर बाल जल्दी सफ़ेद हो सकते हैं, शुक्र हो तो जातक अच्छे कपडे परेस किये हुऐ ही पहनेगा , सेंनट पोऊडर डीओ लगाने का आदी होगा ।  और अगर खाना न. १ में मंगल  बैटा हो तो जातक का शरीर बलबान होगा, कद और मुख चौडाई में होगा , और जातक हर समय़ कुछ भी करने को हमेशा तेयार होगा , हरेक की मदद को आगे रहेगा , बुध हो तो कद और मुख छोटा होगा , अपने मतलब का पक्का होगा , बानी में धनी होगा , शनी हो तो चालाक और जिद्दी होगा , राहु ह  तो लट्टू की तरह स्ब्भाब होगा , केतु हो तो पैर चक्कर होगा, चेहरा चौडाई मुख चौडाई में होगा । जब सारी कुन्ड्ली के ग्रह देखेगें , और उन का असर  जातक के शरीर और सिर पर जैसा होगा , उस के उलट शरीर पर जैसा असर दिखे उस ग्रह को बैसा ही मान कर , शरीर से देखेगें , अभिय़ास करने से  और अपने अन्दर देखने और सोचने से बात जल्दी ही समझ आ जाएगी ।    
किसी की तस्बीर देख कर आप आगे पीछे का हाल बता सकते हैं । कोशिश करें और लाल किताब बार बार पडते रहें
बे दिन दूर नही जब भारत हमारे बिधाबान मनीश्बरो दुबारा सोने की चिडिया के रूप में दुबारा जाना जायेगा ।
नरेश मेहिता
०९८१४७४०२८३  


From: JITIN SYAL <jitinsyal82@yahoo.co.uk>
To: astrostudents@yahoogroups.com
Sent: Thursday, April 7, 2011 2:00 PM
Subject: Re: [astrostudents] Re: Rahu in hindi

 
sir, yeh sab kahaan likha hai please batayein?

--- On Mon, 4/4/11, Naresh Mehta <nareshmehta11957@yahoo.com> wrote:

From: Naresh Mehta <nareshmehta11957@yahoo.com>
Subject: Re: [astrostudents] Re: Rahu in hindi
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Monday, 4 April, 2011, 16:11

 
आद्रणिय आस्ट्रोस्टुडेंट्स ग्रुप के माणनिय सद्स्य साहबानो जी
>             नमसते
>     मैं आप सभी को प्रणाम करता हुं, तथा हिन्दी में लिखने की कोशिश करता हुं, जैसा की आप सभी जानते हैं कि राहु धुयां, दिमागी सोच, लापरबाही, मस्त हाथी , राहु अच्छा हो तो आदमी की सोच अच्छी होगी, और अगर राहु बुरा हो तो आदमी की सोच बुरी होगी, तथा सबभाब अपनी मरजी से चलने का होगा, ( जैसे उदाहरन के तौर पर कहते हैं, कि कुते भोकते रहे, हाथी अपनी चाल चलता रहा) राहु खराब वाला अपनी मस्त चाल से काम करता होगा उसे किसी की भी परबाह न होगी, और एक बात राहु खराब वाला अपना कोई भी काम समय के आखिर तक टालने की कोशिश करने का आदि होगा, कभी भी अपना कोई भी बिल आखिरी समय से पहले नही भरेगा, हो सकता है कि हर बार बिल जुरमाने के साथ ही भरता होगा । जिस का मतलब उस की कुन्डली में राहु जहां भी बैटा हो, खराब फल दे रहा है, उस का कारण आप को कुन्ड्ली में डुंड्ना है, हर चीज को अन्दर से अन्दर अलग अलग करके उनके कारक ग्रह को देख कर, उन ग्रहो को कुन्ड्ली मे असर के अनुसार देख कर, उन सभी का मिला जुला असर जो भी आ रहा होगा, उस का पक्का असर जातक के शरीर से और मुहं से दिखाई देगा । उदाह्र्ण के तौर पर एक पेन जो लाल किताब में लिखा है कि सुनिहरी कैप (गोलडन) सुर्य का , लाल बेस मगंल का,  मे अलग अलग रगों की शाही यनि कि हरी बुध की, नीली शुक्र की, काली शनी की आदि आदि ।
>         राहु केतु जैसे दो रंगे हैं मगर उन में अगर लाल रंन्ग आ जाए तो अब ये दोरंगा राहु केतु का न होगा, किन्यू कि जहां मंगल होगा बहा राहु केतु न होगा । इस लिए पेन का बेस लाल रंग का लिखा गया है।
>         कुन्ड्ली में कई बार कोई ग्रह तो अच्छा या बुरा बैटा होता है मगर जातक पर उस का असर आप को उल्टा ही दिखें और उस के भेद का पता न चले या कौन सा ग्रह उस को भेद कर रहा है समझ न आए तो जातक के शरीर पर से उस का पक्का पता चल सकता है,
>         अगर मैं आप को कहुं कि पुराने समय में जितने भी महान अस्त्रोलोजर हुए हैं, या जितने भी धार्मिक आगु जायदा पापुलर हुए हैं सभी ईसी तारीके से देखते थे,
>             आज भी हमारे बहूत से रिशि मुनी इस को परय़ॊग करते हैं मगर अपनी बात दुसरो को नही बताते, आज के लिय इतना काफी है ।
>         सदा सेबा के लिये तत्पर, आप का नरेश मेहिता mobile-09814740283
>


From: premchand sharma <premchandsharma@yahoo.com>
To: astrostudents@yahoogroups.com
Sent: Wed, March 30, 2011 9:58:02 PM
Subject: Re: [astrostudents] Re: Rahu in hindi

 
there is not in HINDI
 please give  in HINDI.

--- On Mon, 28/3/11, Cafe Cafe <internetcafe71@yahoo.co.in> wrote:

From: Cafe Cafe <internetcafe71@yahoo.co.in>
Subject: Re: [astrostudents] Re: Rahu in hindi
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Monday, 28 March, 2011, 12:59 PM

 
Dear
I donot read this mail. Plz tell me best remedies of Rahu.

--- On Sun, 27/3/11, vijay.goel <goyalvj@gmail.com> wrote:

From: vijay.goel <goyalvj@gmail.com>
Subject: [astrostudents] Re: Rahu in hindi
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Sunday, 27 March, 2011, 3:20 AM

 
Even i don't get it.

--- In astrostudents@yahoogroups.com, haresh pancholi <hpancholi75@...> wrote:
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> Respected Narehji, i couldn't find font of the same lail will you help me for this?Thanks & Regads,Haresh Pancholi.
> --- On Thu, 17/3/11, Naresh <nareshmehta11957@...> wrote:
>
> From: Naresh <nareshmehta11957@...>
> Subject: [astrostudents] Rahu in hindi
> To: astrostudents@yahoogroups.com
> Date: Thursday, 17 March, 2011, 5:40 AM
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