Monday, February 07, 2011

Re: [astrostudents] Re: SHANI - need clarification

 


Hello Everyone,
 
I have really started enjoying the commentry in this group and I really agree that these articles are very useful and help to all of us.
As far as I know we cannot simply say budh in 2nd and rahu in 11th is bad for father. Let me give you the example of a person whose name is discussed Mr Yograj Prabhakar.
 
I feel he got the best or you can say one of the best command on LK and I also have good karmas to know him personally.   And as some of us know that Mr Yograj Prabhakar horoscope was discussed in detail in one of the Astrology institute in Delhi so many people like me might know his planetry configuration.
 
As for the best of my knowledge I am 100% sure that he got budh in his 2nd house and rahu in 11th and he is around 49 years.
I also know he do not perform any upays of LK for him but still his father is alive and in good health. So do we need to make any other consideration before commenting on fathers age due to this combination.
 
And also I feel before reaching to any such conclusion as per LK we need to always consider 2 things:
1. We need to analyse the full horoscope.
2. And should always keep in mind about the DO RANGI CHAAL of a planet.
 
 As these are my thoughts so Waiting for futher clarification on this from other members in the group.
 
 
Regards
Deepak
9811825678

From: Jesal Sagar <jesalsagar@yahoo.com>
To: astrostudents@yahoogroups.com
Sent: Sun, 6 February, 2011 10:14:39 PM
Subject: Re: [astrostudents] Re: SHANI

 

Respected Vijay goel ji ..

Yes Thakurji has very gud command over LK you are true ..
I personally think its my gud karmas that's I know Thakurji ..
The way he sees patrika and the way he explains the problems and gives solution is unique in its own way ..

I know Mr Yograj prabhakar ji also has very gud command over LK ..

But Thakurji has very gud view of seeing the problems ...
Yes rahu in 11th is danger ..
Budh in 2nd house of the person is also danger to his father at his age between 32 to 34 years ...

And yes Vijay goel ji ur true he is doing the best work by bringing out these all articles ...


Regards
Jesal Sagar.


From: "vijay.goel" <goyalvj@gmail.com>
Sender: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Sat, 05 Feb 2011 16:44:34 -0000
To: <astrostudents@yahoogroups.com>
ReplyTo: astrostudents@yahoogroups.com
Subject: [astrostudents] Re: SHANI

 

Dear Jesal Ji,

I have met shri D s Thakur ji,

He have very good command over LK. I respect his knowledge.

I still remember his article on Rahu in 11H and short life of father.

He is doing very good work by bringing these articles.

Thankyou
Regards,
Vijay Goel
Jaipur.

--- In astrostudents@yahoogroups.com, JESAL SAGAR <jesalsagar@...> wrote:
>
> Dear members 
> lot of confusion is there abt shani dev in a kundali ..my mentor and a lalkitab expert Shri D.S.Thakurji gives its view and makes us understand abt shani in kundali .. and how shani gives results in kundali ..
> शनि दुश्मन नही दोस्त भीशनि का ज्रिक्र आते ही दिल में खौफ की लहर सी दौड़ जाती है। ज़िन्दगी के हर मंदे नतीजे को अकसर शनि ग्रह से जोड़ दिया जाता है। पहले तो शनि की साढ़सती की बात होती थी, अब शनि के काल सर्प योग का चर्चा भी आम है। ऐसा लगता है कि जैसे सब बुरे कामों का ठेका शनि ने लिया हो । गोया सब परेशानियां, शनि की मिहरबानियां । तो क्या शनि हमारा दुश्मन है ? इसका जवाब गौरो खोज से
> मिलेगा। 
> ज्योतिष में शनि को सांप भी माना गया हैं । सांप का नाम आते ही दिल में डर सा पैदा होने लगता है। हालांकि हर सांप ज़हरीला नही होता। शनि का सांप खज़ाने का रखवाला भी होता है। चन्द्र नगद रूपया तो शनि खजांची है। शनि के सांप के बिना गरीबी का कुत्ताा भौंकता होगा। अगर खाना नं0 3 में शनि कंगाल है तो खाना नं0 9 में मकान जायदाद का मालिक भी है। अगर खाना नं0 6 में शनि खतरनाक ज़हरीला सांप है तो खाना
> नं0 12 मे साया करने वाला शेषनाग भी है। दूसरे लफज़ों में, दोस्ती ��"र दुश्मनी शनि के दोनों पहलू हैं। दरअसल शनि बद कम बदनाम ज्यादा है। 
>
> लाल किताब के फरमान नं0 15 के मुताबिक:-
>
> '' पाप नैया न हर दम चलती, न ही माला ग्रह कुल की,
>
> शनि होता न मुंसिफ दुनिया, बेड़ी गर्क थी सब की'' ।
>
> अगर शनि दुनिया का मुंसिफ न होता तो सब की बेड़ी गर्क हो जाती। मतलब यह कि दुनियावी काम काज़ चलाने के लिये शनि की ज़रूरत है। सन्यास या मकान-जायदाद, चालाकी से धन दौलत कमाने का ज़माना, 36 साला उम्र, शनि की पहचान है। 
>
> तमाम मकानों, इन्सान की बिनाई ��"र हरेक की नेकी ��"र बदी का हिसाब किताब लिखने वाले एजेन्टों का मालिक, हाकिम शनि देवता ज़ाहिरा पीर है। इसी लिये कई मन्दिरों में शनि की पूजा होती है। नेक हालत में जब अपने जाती स्वभाव के असूल के मुताबिक नेक असर का हो तो बृहस्पति के घरों (खाना नं0 2,5,9,12) में कभी बुरा असर नही देता। शनि का ऐजण्ट केतु, उम्र की किश्ती का मल्लाह है। बुध के दायरे मे राहु केतु की
> तरफ से जिस कार्रवाई की लिखत लिखाई हो, शनि उस पर धर्म से फैसला करता है। नेक असर के वक्त शनि इन्सानी उम्र के 10,19, 37 साल में उत्ताम फल देता है। अगर कुंडली में एक दो तीन की तरकीब ��"र दृष्टि के असूल पर पहले घरों में केतु हो ��"र शनि के बाद में तो शनि एक इच्छाधारी तारने वाला सांप होगा। शनि को अगर सांप माना जाये तो उसकी दुम केतु बैठा होने वाले घर में होगी ��"र सर उसका राहु बैठा होने वाले घर
> में गिना जायेगा। बृहस्पति कायम हो तो शनि एक ठंडा सर सब्ज पहाड़ होगा, खासकर जब चन्द्र भी दुरूस्त हो। बृहस्पति के घराें में शनि का असर वैद धन्वतरि की हैसियत का उम्दा होगा। हामला ��"रत, इकलौते या खानदान में अकेले लड़के के सामने शनि का सांप खुद अन्धा होगा ��"र डंक न मारेगा।
>
> मंदी हालत के वक्त मौत का फन्दा फैलाये दिन दिहाड़े सब के सामने सरे बाज़ार कत्ल करने की तरह मंदा ज़माना खड़ा कर देगा। फकीर को खैरात देने की बजाये उल्ट उसकी झोली में माल निकाल लेगा। सब से धन की चोरी करता कराता फिर भी निर्धन ही होगा। हरेक के आगे सवाली फिर उसी पर चोट मार देना इसका काम होगा। मंदी हालत में शनि का एजेंट राहु होगा जो ज़हर का भण्डारी है। 
>
> दो या दो से ज्याद नर ग्रहों (बृहस्पति,सूरज, मंगल) के साथ शनि काबू में हो जाता है ��"र ज़हर नही उगल सकता। जिस कदर मुकाबले पर दुश्मन ग्रहों (सूरज, चन्द्र, मंगल) का साथ बढ़ता जाये शनि ��"र भी मन्दा हो जाता है। मंदी हालत में शनि की चीज़ों का दान मददगार होगा।
>
> बृहस्पति के घराें में शनि बुरा फल नही देता मगर बृहस्पति खुद शनि के घर खाना नं.0 10 में नीच हो जाता है। मंगल अकेला शनि के घर खाना नं0 10 में राजा है मगर मंगल के घर खाना नं0 3 में शनि नगद माया से दूर कंगाल हो जाता है। सूरज के घर खाना नं0 5 में शनि बच्चे खाने वाला सांप है मगर शनि के घर खाना नं0 11 में सूरज उत्ताम, धर्मी हो जाता है। चन्द्र के घर खाना नं0 4 में शनि पानी में डूबा हुआ सांप जो अधरंग
> से मरे हुये को शफ़ा (सेहत) दे मगर शनि के हैडक्वाटर खाना नं0 8 में, जो मंगल की मौतों का घर है, चन्द्र नीच हो जाता है। शुक्र ने शनि से आंख उधार ली है इसलिये शुक्र घर खाना नं0 7 में शनि उच्च है। राहु बदी का एजेण्ट है मगर राहु के घर खाना नं0 12 में शनि हरेक का भला ही करता है। केतु नेकी का फरिशता है मगर केतु के घर खाना नं0 6 में शनि मन्दे लड़के ��"र खोटे पैसे की तरह कभी न कभी काम काम आ ही जाने वाला
> मगर मन्दा ज़हरीला सांप होता है। इस तरह कुण्डली के जुदा जुदा खानों मे शनि का जुदा जुदा अच्छा या बुरा फल होता है।
>
> शनि की अदालत
>
> लाल किताब के मुताबिक राहु अगर मुल्ज़िम का चालान पेश करने का शहादती हो तो केतु उसके बचाने के लिये मददगार वकील होगा। दोनों के दरमियान बात का धर्मी फैसला करने के लिये शनि हाकिम, वक्त की कचहरी का सब से बड़ा जज होगा। पापी ग्रहों (राहु, केतु, शनि ) ने दुनियावी पापियों गुनाहगारों को सीधे रास्ते पर लाने ��"र गृहस्थी निज़ाम को कायम रखने के लिये अपनी ही पंचायत बना रखी है। इस बात के मद्दे
> नज़र रखते हुये ज़माने के गुरू ��"र तमाम ग्रहों को पेशवा बृहस्पति ने शनि के घर खाना नं0 11 में अपनी धर्म अदालत मुकर्रर की है। जहां शनि अपनी माता के दूध को याद करके, बृहस्पति का हल्फ उठाने के बाद राहु ��"र केतु की की शहादत के मुताबिक फैसला करता है। 
>
> शनि खुद बुराई नही करता बल्कि उसके एजेण्ट राहु केतु बुराई वाले काम उसके पास फैसले के लिये लाते हैं। लिहाज़ा बुरो कामों के (बुरे) फैंसले करते करते शनि खुद बदनाम हो गया। लोग बदनाम को ही बुरा कहते हैं । अगर दुनिया में पाप न हो तो राहु कोई चालान पेश न करेगा। कर भी दे तो केतु की मदद से शनि का फैसला हक में होगा। फिर शनि को कोई बुरा भी न कहेगा।
>
> आखिर नतीजा यही निकलता है कि शनि दुश्मन नही दोस्त भी है।
> everything written by SHRI D.S.THAKURJI ....
> Regards
> JESAL SAGAR.
>

Hi

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Sunday, February 06, 2011

Re: [astrostudents] Re: SHANI

 

Respected Vijay goel ji ..

Yes Thakurji has very gud command over LK you are true ..
I personally think its my gud karmas that's I know Thakurji ..
The way he sees patrika and the way he explains the problems and gives solution is unique in its own way ..

I know Mr Yograj prabhakar ji also has very gud command over LK ..

But Thakurji has very gud view of seeing the problems ...
Yes rahu in 11th is danger ..
Budh in 2nd house of the person is also danger to his father at his age between 32 to 34 years ...

And yes Vijay goel ji ur true he is doing the best work by bringing out these all articles ...


Regards
Jesal Sagar.


From: "vijay.goel" <goyalvj@gmail.com>
Sender: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Sat, 05 Feb 2011 16:44:34 -0000
To: <astrostudents@yahoogroups.com>
ReplyTo: astrostudents@yahoogroups.com
Subject: [astrostudents] Re: SHANI

 

Dear Jesal Ji,

I have met shri D s Thakur ji,

He have very good command over LK. I respect his knowledge.

I still remember his article on Rahu in 11H and short life of father.

He is doing very good work by bringing these articles.

Thankyou
Regards,
Vijay Goel
Jaipur.

--- In astrostudents@yahoogroups.com, JESAL SAGAR <jesalsagar@...> wrote:
>
> Dear members 
> lot of confusion is there abt shani dev in a kundali ..my mentor and a lalkitab expert Shri D.S.Thakurji gives its view and makes us understand abt shani in kundali .. and how shani gives results in kundali ..
> शनि द�श�मन नही दोस�त भीशनि का ज�रिक�र आते ही दिल में खौफ की लहर सी दौड़ जाती है। ज़िन�दगी के हर मंदे नतीजे को अकसर शनि ग�रह से जोड़ दिया जाता है। पहले तो शनि की सा�सती की बात होती थी, अब शनि के काल सर�प योग का चर�चा भी आम है। �सा लगता है कि जैसे सब ब�रे कामों का ठेका शनि ने लिया हो । गोया सब परेशानियां, शनि की मिहरबानियां । तो क�या शनि हमारा द�श�मन है ? इसका जवाब गौरो खोज से
> मिलेगा। 
> ज�योतिष में शनि को सांप भी माना गया हैं । सांप का नाम आते ही दिल में डर सा पैदा होने लगता है। हालांकि हर सांप ज़हरीला नही होता। शनि का सांप खज़ाने का रखवाला भी होता है। चन�द�र नगद रूपया तो शनि खजांची है। शनि के सांप के बिना गरीबी का क�त�ताा भौंकता होगा। अगर खाना नं0 3 में शनि कंगाल है तो खाना नं0 9 में मकान जायदाद का मालिक भी है। अगर खाना नं0 6 में शनि खतरनाक ज़हरीला सांप है तो खाना
> नं0 12 मे साया करने वाला शेषनाग भी है। दूसरे लफज़ों में, दोसà¥�ती à¤"र दà¥�शà¥�मनी शनि के दोनों पहलू हैं। दरअसल शनि बद कम बदनाम जà¥�यादा है। 
>
> लाल किताब के फरमान नं0 15 के म�ताबिक:-
>
> '' पाप नैया न हर दम चलती, न ही माला ग�रह क�ल की,
>
> शनि होता न म�ंसिफ द�निया, बेड़ी गर�क थी सब की'' ।
>
> अगर शनि द�निया का म�ंसिफ न होता तो सब की बेड़ी गर�क हो जाती। मतलब यह कि द�नियावी काम काज़ चलाने के लिये शनि की ज़रूरत है। सन�यास या मकान-जायदाद, चालाकी से धन दौलत कमाने का ज़माना, 36 साला उम�र, शनि की पहचान है। 
>
> तमाम मकानों, इनà¥�सान की बिनाई à¤"र हरेक की नेकी à¤"र बदी का हिसाब किताब लिखने वाले à¤�जेनà¥�टों का मालिक, हाकिम शनि देवता ज़ाहिरा पीर है। इसी लिये कई मनà¥�दिरों में शनि की पूजा होती है। नेक हालत में जब अपने जाती सà¥�वभाव के असूल के मà¥�ताबिक नेक असर का हो तो बृहसà¥�पति के घरों (खाना नं0 2,5,9,12) में कभी बà¥�रा असर नही देता। शनि का à¤�जणà¥�ट केतà¥�, उमà¥�र की किशà¥�ती का मलà¥�लाह है। बà¥�ध के दायरे मे राहà¥� केतà¥� की
> तरफ से जिस कारà¥�रवाई की लिखत लिखाई हो, शनि उस पर धरà¥�म से फैसला करता है। नेक असर के वकà¥�त शनि इनà¥�सानी उमà¥�र के 10,19, 37 साल में उतà¥�ताम फल देता है। अगर कà¥�ंडली में à¤�क दो तीन की तरकीब à¤"र दृषà¥�टि के असूल पर पहले घरों में केतà¥� हो à¤"र शनि के बाद में तो शनि à¤�क इचà¥�छाधारी तारने वाला सांप होगा। शनि को अगर सांप माना जाये तो उसकी दà¥�म केतà¥� बैठा होने वाले घर में होगी à¤"र सर उसका राहà¥� बैठा होने वाले घर
> में गिना जायेगा। बृहसà¥�पति कायम हो तो शनि à¤�क ठंडा सर सबà¥�ज पहाड़ होगा, खासकर जब चनà¥�दà¥�र भी दà¥�रूसà¥�त हो। बृहसà¥�पति के घराें में शनि का असर वैद धनà¥�वतरि की हैसियत का उमà¥�दा होगा। हामला à¤"रत, इकलौते या खानदान में अकेले लड़के के सामने शनि का सांप खà¥�द अनà¥�धा होगा à¤"र डंक न मारेगा।
>
> मंदी हालत के वक�त मौत का फन�दा फैलाये दिन दिहाड़े सब के सामने सरे बाज़ार कत�ल करने की तरह मंदा ज़माना खड़ा कर देगा। फकीर को खैरात देने की बजाये उल�ट उसकी �ोली में माल निकाल लेगा। सब से धन की चोरी करता कराता फिर भी निर�धन ही होगा। हरेक के आगे सवाली फिर उसी पर चोट मार देना इसका काम होगा। मंदी हालत में शनि का �जेंट राह� होगा जो ज़हर का भण�डारी है। 
>
> दो या दो से जà¥�याद नर गà¥�रहों (बृहसà¥�पति,सूरज, मंगल) के साथ शनि काबू में हो जाता है à¤"र ज़हर नही उगल सकता। जिस कदर मà¥�काबले पर दà¥�शà¥�मन गà¥�रहों (सूरज, चनà¥�दà¥�र, मंगल) का साथ बà¥�ता जाये शनि à¤"र भी मनà¥�दा हो जाता है। मंदी हालत में शनि की चीज़ों का दान मददगार होगा।
>
> बृहस�पति के घराें में शनि ब�रा फल नही देता मगर बृहस�पति ख�द शनि के घर खाना नं.0 10 में नीच हो जाता है। मंगल अकेला शनि के घर खाना नं0 10 में राजा है मगर मंगल के घर खाना नं0 3 में शनि नगद माया से दूर कंगाल हो जाता है। सूरज के घर खाना नं0 5 में शनि बच�चे खाने वाला सांप है मगर शनि के घर खाना नं0 11 में सूरज उत�ताम, धर�मी हो जाता है। चन�द�र के घर खाना नं0 4 में शनि पानी में डूबा ह�आ सांप जो अधरंग
> से मरे हà¥�ये को शफ़ा (सेहत) दे मगर शनि के हैडकà¥�वाटर खाना नं0 8 में, जो मंगल की मौतों का घर है, चनà¥�दà¥�र नीच हो जाता है। शà¥�कà¥�र ने शनि से आंख उधार ली है इसलिये शà¥�कà¥�र घर खाना नं0 7 में शनि उचà¥�च है। राहà¥� बदी का à¤�जेणà¥�ट है मगर राहà¥� के घर खाना नं0 12 में शनि हरेक का भला ही करता है। केतà¥� नेकी का फरिशता है मगर केतà¥� के घर खाना नं0 6 में शनि मनà¥�दे लड़के à¤"र खोटे पैसे की तरह कभी न कभी काम काम आ ही जाने वाला
> मगर मन�दा ज़हरीला सांप होता है। इस तरह क�ण�डली के ज�दा ज�दा खानों मे शनि का ज�दा ज�दा अच�छा या ब�रा फल होता है।
>
> शनि की अदालत
>
> लाल किताब के मà¥�ताबिक राहà¥� अगर मà¥�लà¥�ज़िम का चालान पेश करने का शहादती हो तो केतà¥� उसके बचाने के लिये मददगार वकील होगा। दोनों के दरमियान बात का धरà¥�मी फैसला करने के लिये शनि हाकिम, वकà¥�त की कचहरी का सब से बड़ा जज होगा। पापी गà¥�रहों (राहà¥�, केतà¥�, शनि ) ने दà¥�नियावी पापियों गà¥�नाहगारों को सीधे रासà¥�ते पर लाने à¤"र गृहसà¥�थी निज़ाम को कायम रखने के लिये अपनी ही पंचायत बना रखी है। इस बात के मदà¥�दे
> नज़र रखते हà¥�ये ज़माने के गà¥�रू à¤"र तमाम गà¥�रहों को पेशवा बृहसà¥�पति ने शनि के घर खाना नं0 11 में अपनी धरà¥�म अदालत मà¥�करà¥�रर की है। जहां शनि अपनी माता के दूध को याद करके, बृहसà¥�पति का हलà¥�फ उठाने के बाद राहà¥� à¤"र केतà¥� की की शहादत के मà¥�ताबिक फैसला करता है। 
>
> शनि ख�द ब�राई नही करता बल�कि उसके �जेण�ट राह� केत� ब�राई वाले काम उसके पास फैसले के लिये लाते हैं। लिहाज़ा ब�रो कामों के (ब�रे) फैंसले करते करते शनि ख�द बदनाम हो गया। लोग बदनाम को ही ब�रा कहते हैं । अगर द�निया में पाप न हो तो राह� कोई चालान पेश न करेगा। कर भी दे तो केत� की मदद से शनि का फैसला हक में होगा। फिर शनि को कोई ब�रा भी न कहेगा।
>
> आखिर नतीजा यही निकलता है कि शनि द�श�मन नही दोस�त भी है।
> everything written by SHRI D.S.THAKURJI ....
> Regards
> JESAL SAGAR.
>

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Saturday, February 05, 2011

[astrostudents] Re: SHANI

 

Dear Jesal Ji,

I have met shri D s Thakur ji,

He have very good command over LK. I respect his knowledge.

I still remember his article on Rahu in 11H and short life of father.

He is doing very good work by bringing these articles.

Thankyou
Regards,
Vijay Goel
Jaipur.

--- In astrostudents@yahoogroups.com, JESAL SAGAR <jesalsagar@...> wrote:
>
> Dear members 
> lot of confusion is there abt shani dev in a kundali ..my mentor and a lalkitab expert Shri D.S.Thakurji gives its view and makes us understand abt shani in kundali .. and how shani gives results in kundali ..
> शनि दुश्मन नही दोस्त भीशनि का ज्रिक्र आते ही दिल में खौफ की लहर सी दौड़ जाती है। ज़िन्दगी के हर मंदे नतीजे को अकसर शनि ग्रह से जोड़ दिया जाता है। पहले तो शनि की साढ़सती की बात होती थी, अब शनि के काल सर्प योग का चर्चा भी आम है। ऐसा लगता है कि जैसे सब बुरे कामों का ठेका शनि ने लिया हो । गोया सब परेशानियां, शनि की मिहरबानियां । तो क्या शनि हमारा दुश्मन है ? इसका जवाब गौरो खोज से
> मिलेगा। 
> ज्योतिष में शनि को सांप भी माना गया हैं । सांप का नाम आते ही दिल में डर सा पैदा होने लगता है। हालांकि हर सांप ज़हरीला नही होता। शनि का सांप खज़ाने का रखवाला भी होता है। चन्द्र नगद रूपया तो शनि खजांची है। शनि के सांप के बिना गरीबी का कुत्ताा भौंकता होगा। अगर खाना नं0 3 में शनि कंगाल है तो खाना नं0 9 में मकान जायदाद का मालिक भी है। अगर खाना नं0 6 में शनि खतरनाक ज़हरीला सांप है तो खाना
> नं0 12 मे साया करने वाला शेषनाग भी है। दूसरे लफज़ों में, दोस्ती à¤"र दुश्मनी शनि के दोनों पहलू हैं। दरअसल शनि बद कम बदनाम ज्यादा है। 
>
> लाल किताब के फरमान नं0 15 के मुताबिक:-
>
> '' पाप नैया न हर दम चलती, न ही माला ग्रह कुल की,
>
> शनि होता न मुंसिफ दुनिया, बेड़ी गर्क थी सब की'' ।
>
> अगर शनि दुनिया का मुंसिफ न होता तो सब की बेड़ी गर्क हो जाती। मतलब यह कि दुनियावी काम काज़ चलाने के लिये शनि की ज़रूरत है। सन्यास या मकान-जायदाद, चालाकी से धन दौलत कमाने का ज़माना, 36 साला उम्र, शनि की पहचान है। 
>
> तमाम मकानों, इन्सान की बिनाई à¤"र हरेक की नेकी à¤"र बदी का हिसाब किताब लिखने वाले एजेन्टों का मालिक, हाकिम शनि देवता ज़ाहिरा पीर है। इसी लिये कई मन्दिरों में शनि की पूजा होती है। नेक हालत में जब अपने जाती स्वभाव के असूल के मुताबिक नेक असर का हो तो बृहस्पति के घरों (खाना नं0 2,5,9,12) में कभी बुरा असर नही देता। शनि का ऐजण्ट केतु, उम्र की किश्ती का मल्लाह है। बुध के दायरे मे राहु केतु की
> तरफ से जिस कार्रवाई की लिखत लिखाई हो, शनि उस पर धर्म से फैसला करता है। नेक असर के वक्त शनि इन्सानी उम्र के 10,19, 37 साल में उत्ताम फल देता है। अगर कुंडली में एक दो तीन की तरकीब à¤"र दृष्टि के असूल पर पहले घरों में केतु हो à¤"र शनि के बाद में तो शनि एक इच्छाधारी तारने वाला सांप होगा। शनि को अगर सांप माना जाये तो उसकी दुम केतु बैठा होने वाले घर में होगी à¤"र सर उसका राहु बैठा होने वाले घर
> में गिना जायेगा। बृहस्पति कायम हो तो शनि एक ठंडा सर सब्ज पहाड़ होगा, खासकर जब चन्द्र भी दुरूस्त हो। बृहस्पति के घराें में शनि का असर वैद धन्वतरि की हैसियत का उम्दा होगा। हामला à¤"रत, इकलौते या खानदान में अकेले लड़के के सामने शनि का सांप खुद अन्धा होगा à¤"र डंक न मारेगा।
>
> मंदी हालत के वक्त मौत का फन्दा फैलाये दिन दिहाड़े सब के सामने सरे बाज़ार कत्ल करने की तरह मंदा ज़माना खड़ा कर देगा। फकीर को खैरात देने की बजाये उल्ट उसकी झोली में माल निकाल लेगा। सब से धन की चोरी करता कराता फिर भी निर्धन ही होगा। हरेक के आगे सवाली फिर उसी पर चोट मार देना इसका काम होगा। मंदी हालत में शनि का एजेंट राहु होगा जो ज़हर का भण्डारी है। 
>
> दो या दो से ज्याद नर ग्रहों (बृहस्पति,सूरज, मंगल) के साथ शनि काबू में हो जाता है à¤"र ज़हर नही उगल सकता। जिस कदर मुकाबले पर दुश्मन ग्रहों (सूरज, चन्द्र, मंगल) का साथ बढ़ता जाये शनि à¤"र भी मन्दा हो जाता है। मंदी हालत में शनि की चीज़ों का दान मददगार होगा।
>
> बृहस्पति के घराें में शनि बुरा फल नही देता मगर बृहस्पति खुद शनि के घर खाना नं.0 10 में नीच हो जाता है। मंगल अकेला शनि के घर खाना नं0 10 में राजा है मगर मंगल के घर खाना नं0 3 में शनि नगद माया से दूर कंगाल हो जाता है। सूरज के घर खाना नं0 5 में शनि बच्चे खाने वाला सांप है मगर शनि के घर खाना नं0 11 में सूरज उत्ताम, धर्मी हो जाता है। चन्द्र के घर खाना नं0 4 में शनि पानी में डूबा हुआ सांप जो अधरंग
> से मरे हुये को शफ़ा (सेहत) दे मगर शनि के हैडक्वाटर खाना नं0 8 में, जो मंगल की मौतों का घर है, चन्द्र नीच हो जाता है। शुक्र ने शनि से आंख उधार ली है इसलिये शुक्र घर खाना नं0 7 में शनि उच्च है। राहु बदी का एजेण्ट है मगर राहु के घर खाना नं0 12 में शनि हरेक का भला ही करता है। केतु नेकी का फरिशता है मगर केतु के घर खाना नं0 6 में शनि मन्दे लड़के à¤"र खोटे पैसे की तरह कभी न कभी काम काम आ ही जाने वाला
> मगर मन्दा ज़हरीला सांप होता है। इस तरह कुण्डली के जुदा जुदा खानों मे शनि का जुदा जुदा अच्छा या बुरा फल होता है।
>
> शनि की अदालत
>
> लाल किताब के मुताबिक राहु अगर मुल्ज़िम का चालान पेश करने का शहादती हो तो केतु उसके बचाने के लिये मददगार वकील होगा। दोनों के दरमियान बात का धर्मी फैसला करने के लिये शनि हाकिम, वक्त की कचहरी का सब से बड़ा जज होगा। पापी ग्रहों (राहु, केतु, शनि ) ने दुनियावी पापियों गुनाहगारों को सीधे रास्ते पर लाने à¤"र गृहस्थी निज़ाम को कायम रखने के लिये अपनी ही पंचायत बना रखी है। इस बात के मद्दे
> नज़र रखते हुये ज़माने के गुरू à¤"र तमाम ग्रहों को पेशवा बृहस्पति ने शनि के घर खाना नं0 11 में अपनी धर्म अदालत मुकर्रर की है। जहां शनि अपनी माता के दूध को याद करके, बृहस्पति का हल्फ उठाने के बाद राहु à¤"र केतु की की शहादत के मुताबिक फैसला करता है। 
>
> शनि खुद बुराई नही करता बल्कि उसके एजेण्ट राहु केतु बुराई वाले काम उसके पास फैसले के लिये लाते हैं। लिहाज़ा बुरो कामों के (बुरे) फैंसले करते करते शनि खुद बदनाम हो गया। लोग बदनाम को ही बुरा कहते हैं । अगर दुनिया में पाप न हो तो राहु कोई चालान पेश न करेगा। कर भी दे तो केतु की मदद से शनि का फैसला हक में होगा। फिर शनि को कोई बुरा भी न कहेगा।
>
> आखिर नतीजा यही निकलता है कि शनि दुश्मन नही दोस्त भी है।
> everything written by SHRI D.S.THAKURJI ....
> Regards
> JESAL SAGAR.
>

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Re: [astrostudents]Passing away of LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL

 

It was with deep regret that I learned about the passing away of 
Shri Inder Raj Sehgal esteem member of astrostudent.
He will always be remembered by his friends and business colleagues
and members of this group as a whole asa remarkable capable executive
and a very kind person.
I send my sympathies to the kith and kins of bereaved and group and 
colleagues.
Raghunath Sharma
Chairman Bhirigu Jeotish Anusandhan Sansthan
Haryana (Ambala) 1124 Milap Nagar Manav Chowk
Ambala City. 5 2 11





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Re: [astrostudents]Passing away of LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL

 

It was with deep regret that I learned about the passing away of 

--- On Sat, 2/5/11, bhupesh sharma <bhupeshastro@yahoo.com> wrote:

From: bhupesh sharma <bhupeshastro@yahoo.com>
Subject: Re: [astrostudents] LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Saturday, February 5, 2011, 10:47 AM

 

Bhagwan Shri Inder Raj Sehgal Ji ko apne charnon mein sthan de . Hamari yahi prarthna
hai .
                              " OUM SHANTI SHANTI SHANTI OUM "

Pandit Bhupesh Sharmaa
( Lalkitab Astrology & Vastu Consultant ) 
Chandigarh , India
Mob:- 0091 - 9888909348


--- On Sat, 5/2/11, jagmohan <mts3434@yahoo.co.in> wrote:

From: jagmohan <mts3434@yahoo.co.in>
Subject: [astrostudents] LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Saturday, 5 February, 2011, 2:12 AM

 

Members,
Ludhiana ke famous lal kitab expert jinka naam punjab ke elava north
india mein bade izzat maan ke sath liya jata tha Sh. Inder Raj Sehgal ka
dehant ho gaya hai.mein samjhata hoon ki lal kitab ko ludhiana mein
popular karne mein unnka kafi yogdaan raha hai.

Bhagwan apne charno mein unnko sthan de ,yehi bhagwan se meri prarthana
hai.

Jagmohan Mahajan



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Friday, February 04, 2011

Re: [astrostudents] LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL

 

Bhagwan Shri Inder Raj Sehgal Ji ko apne charnon mein sthan de . Hamari yahi prarthna
hai .
                              " OUM SHANTI SHANTI SHANTI OUM "

Pandit Bhupesh Sharmaa
( Lalkitab Astrology & Vastu Consultant ) 
Chandigarh , India
Mob:- 0091 - 9888909348


--- On Sat, 5/2/11, jagmohan <mts3434@yahoo.co.in> wrote:

From: jagmohan <mts3434@yahoo.co.in>
Subject: [astrostudents] LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL
To: astrostudents@yahoogroups.com
Date: Saturday, 5 February, 2011, 2:12 AM

 

Members,
Ludhiana ke famous lal kitab expert jinka naam punjab ke elava north
india mein bade izzat maan ke sath liya jata tha Sh. Inder Raj Sehgal ka
dehant ho gaya hai.mein samjhata hoon ki lal kitab ko ludhiana mein
popular karne mein unnka kafi yogdaan raha hai.

Bhagwan apne charno mein unnko sthan de ,yehi bhagwan se meri prarthana
hai.

Jagmohan Mahajan


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[astrostudents] LAL KITAB EXPERT SH. INDER RAJ SEHGAL

 

Members,
Ludhiana ke famous lal kitab expert jinka naam punjab ke elava north
india mein bade izzat maan ke sath liya jata tha Sh. Inder Raj Sehgal ka
dehant ho gaya hai.mein samjhata hoon ki lal kitab ko ludhiana mein
popular karne mein unnka kafi yogdaan raha hai.

Bhagwan apne charno mein unnko sthan de ,yehi bhagwan se meri prarthana
hai.

Jagmohan Mahajan

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[astrostudents] SHANI

 

Dear members 

lot of confusion is there abt shani dev in a kundali ..
my mentor and a lalkitab expert Shri D.S.Thakurji gives its view and makes us understand abt shani in kundali .. and how shani gives results in kundali ..

शनि दुश्मन नही दोस्त भी

शनि का ज्रिक्र आते ही दिल में खौफ की लहर सी दौड़ जाती है। ज़िन्दगी के हर मंदे नतीजे को अकसर शनि ग्रह से जोड़ दिया जाता है। पहले तो शनि की साढ़सती की बात होती थी, अब शनि के काल सर्प योग का चर्चा भी आम है। ऐसा लगता है कि जैसे सब बुरे कामों का ठेका शनि ने लिया हो । गोया सब परेशानियां, शनि की मिहरबानियां । तो क्या शनि हमारा दुश्मन है ? इसका जवाब गौरो खोज से मिलेगा। 
ज्योतिष में शनि को सांप भी माना गया हैं । सांप का नाम आते ही दिल में डर सा पैदा होने लगता है। हालांकि हर सांप ज़हरीला नही होता। शनि का सांप खज़ाने का रखवाला भी होता है। चन्द्र नगद रूपया तो शनि खजांची है। शनि के सांप के बिना गरीबी का कुत्ताा भौंकता होगा। अगर खाना नं0 3 में शनि कंगाल है तो खाना नं0 9 में मकान जायदाद का मालिक भी है। अगर खाना नं0 6 में शनि खतरनाक ज़हरीला सांप है तो खाना नं0 12 मे साया करने वाला शेषनाग भी है। दूसरे लफज़ों में, दोस्ती और दुश्मनी शनि के दोनों पहलू हैं। दरअसल शनि बद कम बदनाम ज्यादा है। 

लाल किताब के फरमान नं0 15 के मुताबिक:-

'' पाप नैया न हर दम चलती, न ही माला ग्रह कुल की,

शनि होता न मुंसिफ दुनिया, बेड़ी गर्क थी सब की'' ।

अगर शनि दुनिया का मुंसिफ न होता तो सब की बेड़ी गर्क हो जाती। मतलब यह कि दुनियावी काम काज़ चलाने के लिये शनि की ज़रूरत है। सन्यास या मकान-जायदाद, चालाकी से धन दौलत कमाने का ज़माना, 36 साला उम्र, शनि की पहचान है। 

तमाम मकानों, इन्सान की बिनाई और हरेक की नेकी और बदी का हिसाब किताब लिखने वाले एजेन्टों का मालिक, हाकिम शनि देवता ज़ाहिरा पीर है। इसी लिये कई मन्दिरों में शनि की पूजा होती है। नेक हालत में जब अपने जाती स्वभाव के असूल के मुताबिक नेक असर का हो तो बृहस्पति के घरों (खाना नं0 2,5,9,12) में कभी बुरा असर नही देता। शनि का ऐजण्ट केतु, उम्र की किश्ती का मल्लाह है। बुध के दायरे मे राहु केतु की तरफ से जिस कार्रवाई की लिखत लिखाई हो, शनि उस पर धर्म से फैसला करता है। नेक असर के वक्त शनि इन्सानी उम्र के 10,19, 37 साल में उत्ताम फल देता है। अगर कुंडली में एक दो तीन की तरकीब और दृष्टि के असूल पर पहले घरों में केतु हो और शनि के बाद में तो शनि एक इच्छाधारी तारने वाला सांप होगा। शनि को अगर सांप माना जाये तो उसकी दुम केतु बैठा होने वाले घर में होगी और सर उसका राहु बैठा होने वाले घर में गिना जायेगा। बृहस्पति कायम हो तो शनि एक ठंडा सर सब्ज पहाड़ होगा, खासकर जब चन्द्र भी दुरूस्त हो। बृहस्पति के घराें में शनि का असर वैद धन्वतरि की हैसियत का उम्दा होगा। हामला औरत, इकलौते या खानदान में अकेले लड़के के सामने शनि का सांप खुद अन्धा होगा और डंक न मारेगा।

मंदी हालत के वक्त मौत का फन्दा फैलाये दिन दिहाड़े सब के सामने सरे बाज़ार कत्ल करने की तरह मंदा ज़माना खड़ा कर देगा। फकीर को खैरात देने की बजाये उल्ट उसकी झोली में माल निकाल लेगा। सब से धन की चोरी करता कराता फिर भी निर्धन ही होगा। हरेक के आगे सवाली फिर उसी पर चोट मार देना इसका काम होगा। मंदी हालत में शनि का एजेंट राहु होगा जो ज़हर का भण्डारी है। 

दो या दो से ज्याद नर ग्रहों (बृहस्पति,सूरज, मंगल) के साथ शनि काबू में हो जाता है और ज़हर नही उगल सकता। जिस कदर मुकाबले पर दुश्मन ग्रहों (सूरज, चन्द्र, मंगल) का साथ बढ़ता जाये शनि और भी मन्दा हो जाता है। मंदी हालत में शनि की चीज़ों का दान मददगार होगा।

बृहस्पति के घराें में शनि बुरा फल नही देता मगर बृहस्पति खुद शनि के घर खाना नं.0 10 में नीच हो जाता है। मंगल अकेला शनि के घर खाना नं0 10 में राजा है मगर मंगल के घर खाना नं0 3 में शनि नगद माया से दूर कंगाल हो जाता है। सूरज के घर खाना नं0 5 में शनि बच्चे खाने वाला सांप है मगर शनि के घर खाना नं0 11 में सूरज उत्ताम, धर्मी हो जाता है। चन्द्र के घर खाना नं0 4 में शनि पानी में डूबा हुआ सांप जो अधरंग से मरे हुये को शफ़ा (सेहत) दे मगर शनि के हैडक्वाटर खाना नं0 8 में, जो मंगल की मौतों का घर है, चन्द्र नीच हो जाता है। शुक्र ने शनि से आंख उधार ली है इसलिये शुक्र घर खाना नं0 7 में शनि उच्च है। राहु बदी का एजेण्ट है मगर राहु के घर खाना नं0 12 में शनि हरेक का भला ही करता है। केतु नेकी का फरिशता है मगर केतु के घर खाना नं0 6 में शनि मन्दे लड़के और खोटे पैसे की तरह कभी न कभी काम काम आ ही जाने वाला मगर मन्दा ज़हरीला सांप होता है। इस तरह कुण्डली के जुदा जुदा खानों मे शनि का जुदा जुदा अच्छा या बुरा फल होता है।

शनि की अदालत

लाल किताब के मुताबिक राहु अगर मुल्ज़िम का चालान पेश करने का शहादती हो तो केतु उसके बचाने के लिये मददगार वकील होगा। दोनों के दरमियान बात का धर्मी फैसला करने के लिये शनि हाकिम, वक्त की कचहरी का सब से बड़ा जज होगा। पापी ग्रहों (राहु, केतु, शनि ) ने दुनियावी पापियों गुनाहगारों को सीधे रास्ते पर लाने और गृहस्थी निज़ाम को कायम रखने के लिये अपनी ही पंचायत बना रखी है। इस बात के मद्दे नज़र रखते हुये ज़माने के गुरू और तमाम ग्रहों को पेशवा बृहस्पति ने शनि के घर खाना नं0 11 में अपनी धर्म अदालत मुकर्रर की है। जहां शनि अपनी माता के दूध को याद करके, बृहस्पति का हल्फ उठाने के बाद राहु और केतु की की शहादत के मुताबिक फैसला करता है। 

शनि खुद बुराई नही करता बल्कि उसके एजेण्ट राहु केतु बुराई वाले काम उसके पास फैसले के लिये लाते हैं। लिहाज़ा बुरो कामों के (बुरे) फैंसले करते करते शनि खुद बदनाम हो गया। लोग बदनाम को ही बुरा कहते हैं । अगर दुनिया में पाप न हो तो राहु कोई चालान पेश न करेगा। कर भी दे तो केतु की मदद से शनि का फैसला हक में होगा। फिर शनि को कोई बुरा भी न कहेगा।

आखिर नतीजा यही निकलता है कि शनि दुश्मन नही दोस्त भी है।

everything written by SHRI D.S.THAKURJI ....

Regards
JESAL SAGAR.

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